राज्यसभा में वक्फ बिल पेश होने से पहले AAP सांसद संजय सिंह ने हिंदुओं को चेताया !
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बिल के माध्यम से संविधान की हत्या की है।

वक्फ संशोधन विधेयक बुधवार को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में पेश किया। बिल को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और अलग-अलग दलों के विपक्षी सांसदों के विरोध और लगभग 12 घंटे की तीखी बहस के बाद देर रात करीब दो बजे बिल सदन में पारित हुआ। इसके समर्थन में 288 जबकि ख़िलाफ़ में 232 वोट पड़े। इस बिल को आज यानी गुरुवार को राज्यसभा में सरकार पेश करेगी। इस दौरान उच्च सदन में भी इस बिल को लेकर सरकार बनाम विपक्ष के बीच हंगामे के आसार दिखाई दे रहे है। इससे पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बिल के माध्यम से संविधान की हत्या की है।
आज बाबा साहब के संविधान की हत्या हुई है, वक्फ बिल धार्मिक संपत्तियों पर कब्जे की शुरुआत है । मेरी बात याद रखना पहले वक्फ की जमीन कब्जा करके अपने दोस्तों को दी जाएगी फिर गुरुद्वारा, चर्च और मंदिरों का नंबर आएगा।#WaqfBillAmendment
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) April 2, 2025
मंदिरों का भी आएगा नंबर
इस बिल को लेकर आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अपने सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा "आज बाबा साहब के संविधान की हत्या हुई है, वक्फ बिल धार्मिक संपत्तियों पर कब्जे की शुरुआत है ।मेरी बात याद रखना पहले वक्फ की जमीन कब्जा करके अपने दोस्तों को दी जाएगी फिर गुरुद्वारा, चर्च और मंदिरों का नंबर आएगा।"
सरकार ने मुस्लिमों के हित में बताया
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को विधेयक सदन में पेश किया और चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि यह मुस्लिम समुदाय के हित में है। विधेयक को 288 के मुकाबले 232 मतों से सदन की मंजूरी मिल गई। इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की बैठक रात लगभग दो बजे तक चली। इसके अलावा, मुसलमान वक्फ अधिनियम, 1923 का निरसन करने वाला मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 भी सदन में ध्वनि मत से पारित हो गया। चर्चा के बाद वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 पर विचार के लिए जब किरेन रिजिजू ने प्रस्ताव रखा, तो विपक्ष के कुछ सदस्यों ने मत विभाजन की मांग की। इसके पक्ष में 288 और विरोध में 232 मत पड़े। हालांकि, लॉबी क्लीयर करने के बाद कई सदस्यों को सदन में दाखिल होने देने को लेकर विवाद भी हुआ।
लोकसभा अध्यक्ष का बयान
विपक्षी सदस्यों की आपत्तियों का जवाब देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि नए संसद भवन में शौचालय की व्यवस्था लॉबी में ही की गई है और सिर्फ लॉबी से ही सदस्यों को अंदर आने दिया गया है। किसी को भी बाहर से आने की अनुमति नहीं दी गई है। वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों के प्रावधान को लेकर रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य एन.के. प्रेमचंद्रन द्वारा प्रस्तुत एक संशोधन पर भी मत विभाजन हुआ। उनका संशोधन 231 के मुकाबले 288 मतों से अस्वीकृत हो गया। विपक्ष के अन्य सभी संशोधनों को सदन ने ध्वनिमत से खारिज कर दिया। बताते चले कि जिस समय विधेयक पर मतदान हो रहा था, सदन के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लोकसभा में मौजूद नहीं थे।