Modi की गलती गिना रहीं कांग्रेसी Supriya Shrinate खुद ही बुरी फंसीं !
30 मार्च को बतौर प्रधानमंत्री पहली बार नरेंद्र मोदी ने संघ मुख्यालय में कदम रखा तो अब कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत एक गलती की वजह से पीएम मोदी को बदनाम करने में लगीं जिन्हें पत्रकार रवीश कुमार ने ही ‘बेनकाब’ कर दिया ! #modi #ravishkumar #supriyashrinate

जिस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानि RSS को आज भी कांग्रेस अछूत मानता है। देश की सत्ता संभाल रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसी RSS के कट्टर स्वयंसेवक हैं। लेकिन इसके बावजूद उन्हें नागपुर में स्थित संघ मुख्यालय की धरती पर कदम रखने में दस साल दस महीने का वक्त लग गया। और जब 30 मार्च को बतौर प्रधानमंत्री पहली बार नरेंद्र मोदी ने संघ मुख्यालय में कदम भी रखा तो अब कांग्रेस एक गलती की वजह से पीएम मोदी को बदनाम करने में लगी है।
दरअसल तीस मार्च को चैत्र नवरात्रि का पहला दिन था। और इसी दिन हिंदू नव वर्ष की शुरुआत भी होती है। यही वजह है कि पीएम मोदी ने संघ मुख्यालय में कदम रखने की तारीख भी तय की तो। नवरात्रि के पहले दिन। क्योंकि साल 1889 में हिंदू नव वर्ष के पहले दिन ही संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म हुआ था। ऐसे खास मौके पर संघ मुख्यालय पहुंचे पीएम मोदी ने जब नागपुर में स्थित संघ मुख्यालय में कदम रखा तो आगंतुक रजिस्टर पर भी साइन किया। जिस पर लिखा था।
"परम पूजनीय डॉ. हेडगेवार जी और पूज्य गुरू जी को शत् शत् नमन, उनकी स्मृतियों को संजोते इस स्मृति मंदिर में आकर अभिभूत हूं, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और संगठन शक्ति के मूल्यों को समर्पित यह स्थली हमें राष्ट्र की सेवा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है, संघ के इन दो मजबूत स्तंभों की यह स्थली देश की सेवा में समर्पित लाखों स्वयंसेवकों के लिए उर्जा पुंज है, हमारे प्रयासों से मां भारती का गौरव सदा बढ़ता रहे !
संघ मुख्यालय के इसी आगंतुक रजिस्टर पर पीएम मोदी ने हस्ताक्षर किया था। जिसमें ऊर्जा गलत लिखा था। और जब विपक्ष को कुछ नहीं मिला तो सुप्रिया श्रीनेत जैसी कांग्रेस प्रवक्ता इसी ऊर्जा को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधने लगीं। और एक ट्वीट में पीएम मोदी पर तंज मारते हुए पूछा। बिना एक गलती के ये वाला भी नहीं लिख पाए ?
पूरे संदेश में सिर्फ एक शब्द ऊर्जा गलत लिखा था " जिसके बहाने सुप्रिया श्रीनेत पीएम मोदी का मजाक उड़ाने लगीं। जिन्हें जल्द ही पीएम मोदी के सबसे बड़े आलोचकों में से एक पत्रकार रवीश कुमार के एक ट्वीट से ही जवाब भी मिल गया " जब उन्होंने खुद एक न्यूज एजेंसी का पोस्ट शेयर करते हुए लिखा " साइन लिखा है, ये नहीं कि प्रधानमंत्री ने लिखा है यानि संघ मुख्यालय के आगंतुक रजिस्टर पर पीएम मोदी ने सिर्फ साइन किया है। उसे लिखा नहीं है। जिसका मतलब साफ है कि ऊर्जा शब्द जो गलत लिखा गया है वो भी पीएम मोदी ने गलत नहीं लिखा है। जिसने संदेश लिखा है उसी ने गलत लिखा होगा। पीएम मोदी ने तो सिर्फ साइन किया है। लेकिन इसके बावजूद कांग्रेसी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत आरोप लगाने लगीं कि पीएम मोदी को ऊर्जा भी नहीं लिखना आता है। हालांकि उनके इस आरोप की पत्रकार रवीश कुमार ने ही हवा निकाल दी। और इससे भी बड़ी बात तो ये है कि पीएम मोदी की हिंदी पर सवाल उठाने चलीं सुप्रिया श्रीनेत को शायद खुद ही ऊर्जा लिखना नहीं आता। इसीलिये 26 दिसंबर साल 2024 को किये गये एक ट्वीट में सुप्रिया श्रीनेत ने खुद ही ऊर्जा की बजाए उर्जा लिख दिया था। और आज चली हैं पीएम मोदी पर सवाल उठाने।