Advertisement

जेल में बंद Imran Khan Nobel Peace Prize के लिए नॉमिनेट, Human Rights को बढ़ावा देने के लिए हुआ नामांकन

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक इमरान खान का नाम दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक नोबेल प्राइज के लिए नॉमिनेट हुआ है। इमरान खान को शांति के क्षेत्र में दिए जाने वाले अपने योगदान के लिए इस नोबेल पीस प्राइज़ के लिए नामांकित किया गया है। दक्षिण एशिया में शांति को बढ़ावा देने, लोकतंत्र और मानवाधिकार के लिए कार्यों को देखते हुए ऐसा फ़ैसला लिया गया है।
जेल में बंद Imran Khan Nobel Peace Prize के लिए नॉमिनेट, Human Rights को बढ़ावा देने के लिए हुआ नामांकन

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक इमरान खान का नाम दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक नोबेल प्राइज के लिए नॉमिनेट हुआ है। इमरान खान को शांति के क्षेत्र में दिए जाने वाले अपने योगदान के लिए इस नोबेल पीस प्राइज़ के लिए नामांकित किया गया है। दक्षिण एशिया में शांति को बढ़ावा देने, लोकतंत्र और मानवाधिकार के लिए कार्यों को देखते हुए ऐसा फ़ैसला लिया गया है। 


दूसरी बार नॉमिनेट हुए इमरान खान

ये पहली बार न नहीं है जब इमरान खान को पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट किया गया हो। यह दूसरा मौका है जब इमरान खान का नॉमिनेशन हुआ है। इससे पहले 2019 में दक्षिण एशिया में शांति को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों के लिए उन्हें नॉमिनेट किया गया था।


जेल में बंद है इमरान खान

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक इमरान खान, अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें सत्ता के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित 14 साल की सजा मिली थी। बता दें कि अप्रैल 2022 में अविश्वास मत के बाद उन्हें सत्ता से हटा दिया गया था।


क्यों जेल में बंद है इमरान खान

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तोशखाना मामले में 14 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई है। इसके ठीक एक दिन पहले उन्हें देश के रहस्यों को उजागर करने के लिए 10 साल की सज़ा दी गई थी। इतना ही नहीं इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी को भी तोशखाना मामले में 14 साल की सज़ा सुनाई गई है। जिसमें उन दोनों पर अवैध रूप से राज्य उपहार बेचने का आरोप लगाया गया था। अदालत ने उन दोनों पर 10 साल तक राजनीतिक पद संभालने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। सज़ा का फैसला 8 फरवरी को होने वाले मतदान से ठीक पहले आया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता इमरान खान को 2022 में उनके विरोधियों ने पीएम पद से हटा दिया था, भ्रष्टाचार का दोषी पाए जाने के बाद पहले से ही तीन साल की जेल की सज़ा काट रहे हैं।


इसबार 338 लोगों का हुआ नामांकन

बता दें कि नोबेल प्राइज देने वाली संस्थान की ओर से कहा गया है कि इस बार 338 लोगों का नामांकन हुआ है। इनमें 244 व्यक्तिगत और 94 संगठन हैं. संस्था की ओर से चयनित किए गए है। 2024 में 286 लोग नामित हुए थे। जानकारी देते चले कि 2016 में सबसे ज्यादा नामांकन प्राप्त हुए थे। इस साल 376 नामांकन आए थे। संस्था द्वारा नामांकन में आए सभी नामों को गुप्त रखा जाता है और अगले 50 सालों तक इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जाता है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद नॉर्वेजियन नोबेल समिति फरवरी से मार्च तक लोगों के नाम शॉर्ट लिस्ट करती है। एक लिस्ट तैयार किया जाता है। इस लिस्ट को मार्च से अगस्त के एडवाइजर रिव्यू के लिए भेजा जाता है। फिर अक्टूबर में वोटिंग के माध्यम से लोगों के नाम तय किए जाते हैं और उनकी घोषणा होती है। इसके बाद दिसंबर में नोबले प्राइज अवॉर्ड सेरेमनी आयोजित की जाती है।

Advertisement

Related articles

Advertisement