चीनी राष्ट्रपति के दम पर उछल रहे थे मोहम्मद यूनुस! फिर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने BIMSTEC में आने से पहले औकात दिखा दी!
थाईलैंड में चल रहे BIMSTEC शिखर सम्मेलन में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे। इसके अलावा नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, बांग्लादेश की तरफ से मोहम्मद यूनुस और म्यांमार के अलावा कई अन्य देशों के लोग भी शिरकत करने वाले हैं। इसमें मोहम्मद यूनुस ने पीएम मोदी से मिलने का वक्त मांगा है। हालांकि, यह मुलाकात अकेले में होगी या सभी के साथ इसकी जानकारी नहीं है।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस चीन दौरे पर खूब उछल रहे थे। चीनी राष्ट्रपति के सामने मोहम्मद यूनुस ने भारत की जमकर बुराई की। उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों पर कई जुबानी हमले किए। इसके बाद देश के कई नेताओं ने यूनुस को जमकर फटकार लगाई। "चिकन नेक" पर दिए गए बयान के बाद यूनुस भारत के निशाने पर हैं। इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मौका पाते ही युनुस को ऐसी कड़ी फटकार लगाई है कि अगर सामने आ गए। तो उनकी हवा निकल जाएगी। भारत के चाणक्य कहे जाने वाले एस जयशंकर ने मोहम्मद यूनुस पर उस जगह पर तंज कसा है। जहां यूनुस शिरकत करने वाले हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मोहम्मद यूनुस की हवा टाइट कर दी
"चिकन नेक" बयान पर भारत के निशाने पर चल रहे मोहम्मद यूनुस को विदेश मंत्री जयशंकर ने कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने इशारों-इशारों में मोहम्मद यूनुस को जमकर लताड़ लगाई। 6th BIMSTEC शिखर सम्मेलन में संबोधन देते हुए जयशंकर ने कहा कि "भारत बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के संबंध में BIMSTEC में अपनी जिम्मेदारी से अवगत है। आखिरकार बंगाल की खाड़ी में देश की सबसे लंबी तटीय रेखा है। यह करीब 6,500 किलोमीटर की है। हमारा उत्तर-पूर्वी राज्य सड़कों, रेलवे जलमार्ग, ग्रिड, पाइपलाइन के कई असंख्य नेटवर्क के साथ BIMSTEC के लिए एक कनेक्टिविटी केंद्र के रूप में उभर रहा है। वहीं त्रिपक्षीय राजमार्ग का पूरा होना। भारत के उत्तर पूर्व को प्रशांत महासागर तक जोड़ देगा। यह एक बड़ा गेम चेंजर है। हम काफी सचेत हैं कि इस बड़े भूगोल में वस्तुओं, सेवाओं और लोगों के सुचारू प्रवाह के लिए हमारी सुविधा और सहयोग एक आवश्यक शर्त है। हमने भू- रणनीतिक के कारक को ध्यान में रखते हुए। BIMSTEC मजबूत करने की ऊर्जा और ध्यान समर्पित किया है। भारत का मानना है कि सभी का सहयोग एकीकृत दृष्टिकोण है। यह किसी एक के चुनने के लिए नहीं है।" दरअसल, एस जयशंकर ने यह बयान इसलिए दिया। क्योंकि बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर गंभीर टिप्पणी की थी। उन्होंने चीन से बांग्लादेश में एक आर्थिक अड्डा तय करने के लिए आग्रह किया था। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति से कहा था कि बांग्लादेश समंदर का एकमात्र संरक्षक है।
BIMSTEC में कई बड़े नेता शिरकत करेंगे
थाईलैंड में चल रहे 6th BIMSTEC शिखर सम्मेलन में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे हैं। इसके अलावा नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, बांग्लादेश की तरफ से मोहम्मद यूनुस और म्यांमार के अलावा कई अन्य देशों के लोग भी शिरकत करने वाले हैं। इसमें मोहम्मद यूनुस ने पीएम मोदी से मिलने का वक्त मांगा है। हालांकि, यह मुलाकात अकेले में होगी या सभी के साथ इसकी जानकारी नहीं है।
क्या था मोहम्मद यूनुस का भारत के खिलाफ विवादित बयान
मोहम्मद यूनुस हाल ही में चीन के दौरे पर गए थे। वहां उन्होंने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत के 7 पूर्वोत्तर राज्य समंदर से कटे हुए हैं। बांग्लादेश एकमात्र "समंदर का संरक्षक" है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को उन्होंने न्यौता देते हुए कहा था कि "वह बांग्लादेश को आर्थिक विस्तार का हिस्सा बनाए। ताकि चीन समुद्री पहुंच के जरिए अर्थव्यवस्था का लाभ उठा सके। इस बयान को भारत पर हमले के रूप में देखा गया।