पाकिस्तान को बार्डर पर तगड़ा जवाब, भारतीय सेना के एक्शन से भागी पाक सेना
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारतीय चौकियों पर गोलीबारी की है। मंगलवार को हुई इस नापाक हरकत का भारतीय सेना ने भी करारा जवाब दिया है। भारतीय सैनिकों की जवाबी कार्रवाई के चलते पाकिस्तान को भारी नुकसान झेलना पड़ा है

गोलियों की तड़तड़ाहट। घाटी के घनें जंगल, अंतराष्ट्रीय बार्डर और जान बचाकर भागते पाकिस्तान आर्मी के जवान।अपनी नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब मिलने के बाद पाकिस्तानी सेना के जवान अपने घायल साथियों को उठाकर दुम दबाकर भागते नज़र आए।तस्वीरें भारत पाकिस्तान बार्डर की हैं।जहां आदत से मजबूर पाकिस्तान की तरफ़ से बार्डर पर सीज़फायर का उल्लंघन किया गया। इसी के साथ भारतीय सीमा में पाक सैनिकों के साथ आतंकियों ने घुसपैठ करने की कोशिश की।जिसका माकूल जवाब भारतीय जवानों ने दिया ।दरअसल, जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारतीय चौकियों पर गोलीबारी की इस हरकत का करारा जवाब देते हुए भारतीय जवानों ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना का दिल दहला दिया। इस कार्रवाई से पाकिस्तान को भारी नुक़सान झेलना पड़ा…पाकिस्तानी सेना की ये गलती उसपर बहुत भारी पड़ गई।पाकिस्तानी आर्मी अचानक से गोली बारी कर आतंकियों की घुसपैठ करवाना चाहती थी। लेकिन जाँबाज़ भारतीय जवानों ने ज़ोरदार स्वागत किया ऐसा सबक़ सिखाया कि भारत की कार्रवाई से पाकिस्तान आर्मी के जवान अपने साथियों के शव और घायल जवानों को लेकर वापस भागते हुए नज़र आए। ख़बरों के मुताबिक़ भारतीय सेना ने 4-5 घुसपैठियों को जहन्नुम पहुंचा दिया।
अब पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी ग़लत हरकत का अंजाम तो भुगत लिया। लेकिन आने वाले दिन पाकिस्तान के लिए और ज़्यादा भारी होने वाले हैं।वो भी आपको बताएंगे लेकिन पहले ये जनिए की३ जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना इस वक़्त आतंकियों पर क़हर बनकर टूट रही है जम्मू के कठुआ में पिछले एक हफ़्ते से चल रहे ऑपरेशन में 2 आतंकियों को ठोका जा चुका है। हालांकि इसी दौरान ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के जवान तारिक अहमद, जसवंत सिंह, जगबीर सिंह और बलविंदर सिंह शहीद हो गए।लेकिन किसी ख़ूंखार शेर की तरह J&K पुलिस और आर्मी के जवान आतंकियों को घेरे हुए हैं कहा जा रहा है अब भी 5 आतंकी स्थानीय लोगों की मदद से इस इलाक़े में टिके हैं लेकिन हमारे जवान भी इन्हें ढूँढकर रौंदने का इंतज़ार कर रहे हैं। आतंकियों की हालत कितनी बुरी है ये इससे पता चलता है कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब तीनों आतंकी रुई गांव पहुंचे तो वे एक घर में घुसे दाने दाने और पानी को मोहताज इन आतंकियों ने हथियार के दम पर सभी को काबू किया इसके बाद वो रसोई में मौजूद खाने पर टूट पड़े. जैसे-तैसे यह परिवार अपने ही घर से जान बचाकर भागने में सफल हो गया.परिवार ने सुरक्षाबलों को बताया कि ।
"तीन संदिग्ध आतंकी उनके घर में घुसे। तीनों भूखे प्यासे थे। उन्होंने पहले घर के बाहर पहुंचकर पानी मांगा, फिर जबरदस्ती रसोईघर में घुस आए।परिवार की महिला सदस्य ने कहा कि वो मुझे पैसे दे रहे थे लेकिन मैने नहीं लिए। इसके बाद वो रसोई में जाकर कड़ाई से खुद सब्जी और रोटी निकाल कर खाने लगे। हमने बहुत बार बोल कि हमारे घर के अंदर न जाओ पर वह माने नहीं। महिला के मुताबिक वह इंडियन करेंसी के 500 500 के नोट दे रहे थे। उनके पास भारी बैग थे और उन्होंने काले कपड़े पहने हुए थे। हम डर से घर को छोड़ कर भाग गए। करीब एक घंटे के बाद वह रसोई में जो भी खाने को मिला, उसे खाने के बाद वह चले गए ।
पाकिस्तान अब कुछ भी कर ले लेकिन भारतीय जवानों के आगे उसकी एक नहीं चल रही। असीम मुनीर और शहबाज़ शरीफ़ ने अपने सैनिकों बार्डर पर मरने के लिए छोड़ा हुआ है। इधर से भारत और उधर से तालिबान और TTP धुआंधार तरीक़े से पाक सेना पर बरस रहे हैं। और अब ख़बर है कि भारत के चाणक्य गृहमंत्री अमित शाह भी सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए 7 और 8 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर का दौरा करने वाले हैं। आतंकी विरोधी अभियानों को और मज़बूत करने के लिए उनका ये दौरा बेहद अहम होने वाला है। कठुआ में चले रहे ऑपरेशन और कल ही पाकिस्तान की तरफ़ से हुई घुसपैठ की नाकाम कोशिश के बीच गृहमंत्री का ये दौरा पाकिस्तान के आतंकियों का बुरा हाल करने वाला है। वहीं 19 अप्रैल को कटरा से कश्मीर जाने वाली पहली ट्रेन का उद्घाटन करने के लिए और कश्मीर को देश को बाक़ी हिस्सों को रेलमार्ग से जोड़ने के लिए ख़ुद पीएम मोदी इस क्षेत्र का दौरा करने वाले हैं। अब इन दौरों के बीच भारतीय सेना और ज़्यादा अलर्ट हो गई है।और पाकिस्तानी सेना मुँह की खा रही है।