PM मोदी ने दिल्ली की ऐतिहासिक जीत पर जताया जनता आभार, कहा-राजनीति में शॉर्टकट और फरेब की जगह नहीं
दिल्ली की की 70 विधानसभा सीटों में से 48 पर भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। पार्टी की प्रचंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्टी मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने जनता के साथ-साथ कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

राजधानी दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव मेंबीजेपी ने 27 वर्षों के अपने वनवास को खत्म करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। राज्य की 70 विधानसभा सीटों में से 48 पर भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। पार्टी की प्रचंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्टी मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने जनता के साथ-साथ कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत 'यमुना मैया की जय' का उद्घोष करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा।
समय और शक्ति चाहे कितनी ही क्यों ना लगे, लेकिन मां यमुना को दिल्ली शहर की पहचान बनाने के लिए हमारा संकल्प दृढ़ है। pic.twitter.com/inqexsFz04
— Narendra Modi (@narendramodi) February 8, 2025
दिल्ली आप-दा से मुक्त हुई
पीएम मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली के लोग आज उत्साह से भरे हुए हैं। उन्हें आज राहत मिली है क्योंकि दिल्ली अब 'आप-दा' से मुक्त हो गई है। मैंने दिल्लीवासियों को एक पत्र भेजा था, जिसमें मैंने उनसे आग्रह किया था कि वे 21वीं सदी में भाजपा को उनकी सेवा करने का मौका दें और दिल्ली को भारत की 'विकसित' राजधानी बनाएं। उन्होंने कहा, "मैं दिल्ली के लोगों का आभार व्यक्त करता हूं। दिल्ली ने हमें बहुत प्यार दिया है। मैं एक बार फिर दिल्ली के लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि हम इस प्यार को विकास के रूप में कई गुना बढ़ाकर लौटाएंगे। आज दिल्ली की जनता ने साफ कर दिया है कि दिल्ली की असली मालिक सिर्फ और सिर्फ दिल्ली की जनता है। दिल्ली के इस जनादेश से यह भी स्पष्ट है कि राजनीति में शॉर्टकट के लिए, झूठ और फरेब के लिए कोई जगह नहीं है।"
दिल्ली के हर परिवारजन को मैं भरोसा देता हूं कि डबल इंजन सरकार आपके प्यार और विश्वास का कर्ज यहां डबल तेजी से विकास करके चुकाएगी। pic.twitter.com/NSuUlb5m7w
— Narendra Modi (@narendramodi) February 8, 2025
दोगुनी गति से होगा विकास
पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली के लोगों का प्यार और विश्वास उनके ऊपर कर्ज है। अब दिल्ली की "डबल इंजन" सरकार शहर के विकास को दोगुनी गति से आगे बढ़ाएगी। आज दिल्ली की जनता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली के असली और एकमात्र मालिक यहां के नागरिक ही हैं। दिल्ली को एक दशक की "आप-दा" से मुक्ति मिल गई है। दिल्ली का जनादेश स्पष्ट और सकारात्मक है। आज विकास की जीत हुई है और दिखावा, अराजकता, अहंकार की पराजय हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत और समर्पण ने इस जीत की शोभा बढ़ा दी है। वे (आप के नेता) अहंकारी थे, सोचते थे कि दिल्ली पर उनका स्वामित्व है, लेकिन अब उन्हें सच्चाई का सामना करना पड़ा है। दिल्ली का जनादेश यह स्पष्ट करता है कि राजनीति में झूठ या सत्ता के शॉर्टकट के लिए कोई जगह नहीं है। जनता ने शॉर्टकट की राजनीति को नकार दिया है। उन्होंने कहा, "लोकसभा चुनावों में दिल्ली ने मुझे कभी निराश नहीं किया, चाहे वह 2014 हो, 2019 हो, या 2024 हो। तीनों चुनावों में दिल्ली ने सभी सात सीटों पर भाजपा को जीत दिलाई। तीन बार लोकसभा में जीत हासिल करने के बाद मैं अभी भी देश भर और दिल्ली में भाजपा कार्यकर्ताओं के दिलों में एक लालसा महसूस कर सकता हूं, पूरी तरह से दिल्ली की सेवा करने की लालसा। आज दिल्ली ने हमारा अनुरोध स्वीकार कर लिया है। 21वीं सदी में जन्मी युवा पीढ़ी पहली बार दिल्ली में भाजपा का शासन देखेगी।"
दिल्ली ने इतिहास बनाया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के नतीजे दिखाते हैं कि देश को बीजेपी की "डबल इंजन" सरकार पर कितना भरोसा है। लोकसभा चुनाव में जीत के बाद हमने हरियाणा में एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया, इसके बाद महाराष्ट्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया। अब दिल्ली में इतिहास बन गया है। दिल्ली का कोई भी क्षेत्र या वर्ग ऐसा नहीं है जहां कमल न खिला हो। सभी भाषाई पृष्ठभूमि और राज्यों के लोगों ने दिल्ली में भाजपा के कमल के निशान के लिए वोट किया है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं पूर्वाचल से सांसद हैं और पूर्वाचल के लोगों के साथ उनका रिश्ता बहुत गहरे जुड़ाव वाला है। पूर्वांचल के लोगों ने प्यार, विश्वास और नई ऊर्जा से इस रिश्ते को मजबूत किया है।
गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम पर अगर नजर डालें तो विधानसभा की 70 सीटों में से बीजेपी को 48, आम आदमी पार्टी को 22 सीट पर जीत हासिल हुई है। वही कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से नतीजों को लेकर जो बड़े-बड़े दावें किए थे वो सभी दावें खोखले साबित हुए पार्टी का खाता भी नहीं खुला बल्कि गिनती के सीट पर पार्टी के उम्मीदवार अपनी ज़मानत भी बचा पाए है।