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DJ चलाया तो होगा एक्शन ! अधिकारियों का तगड़ा फ़ैसला !

बोर्ड एग्ज़ाम की डेटशीट आते ही बच्चे पढ़ाई में जुट गये हैं, ऐसे में इन Students की पढ़ाई पर DJ के शोर का कोई असर ना हो, कोई रुकावट ना बने, कोई बाधा ना आये इसके लिए उत्तराखंड की हरिद्वार पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है और ऐसा नही करने के साफ साफ शब्दों में आदेश जारी कर दिये हैं।
DJ चलाया तो होगा एक्शन ! अधिकारियों का तगड़ा फ़ैसला !
मान लीजिये आपका कल एग्ज़ाम है और आपको पढ़ना है लेकिन पड़ोस में शादी जैसा कोई समारोह हो जिसमें DJ बजना ही बजना है तो आप क्या करेंगे ? ज़ाहिर है Irritate होंगे और फिर 10 बजे तक का इंतज़ार करेंगे। कि चलो 10 बजे के बाद पढ़ लेंगे। लेकिन अड़ोस पड़ोस में तो कई बार 10 बजे के बाद भी ज़ोर शोर से गाने बजते रहते हैं ? अब उसका क्या किया जाए ? इसी का समाधान निकालने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने कुछ ऐसा सोचा है जिसे जानकर एग्ज़ाम के लिए पढ़ने वाले बच्चे ख़ुशी से झूम उठेंगे।

बोर्ड एग्ज़ाम की डेटशीट आते ही बच्चे पढ़ाई में जुट गये हैं, ऐसे में इन Students की पढ़ाई पर DJ के शोर का कोई असर ना हो, कोई रुकावट ना बने, कोई बाधा ना आये इसके लिए उत्तराखंड की हरिद्वार पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है और ऐसा नही करने के साफ साफ शब्दों में आदेश जारी कर दिये हैं। इसकी जानकारी X हैंडल के जरिये भी हरिद्वार पुलिस ने दी है। हरिद्वार पुलिस उत्तराखंड लिखती है- नौनिहालों की पढ़ाई पर डीजे का शोर, नहीं बनेगा रूकावट, कप्तान प्रमेन्द्र सिंह डोबाल का बोर्ड परीक्षाओं के दृष्तिगत सभी थानेदारों को स्पष्ट निर्देश- परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र छात्राओं की पढ़ाई पर डीजे ने डाले खलल। सुनिश्चित करें की डीजे नियम के मुताबिक हों ऑपरेट।

इतना ही नहीं एक दूसरे पोस्ट की मदद से हरिद्वार पुलिस ने सभी को जागरुक किया है। इस पोस्ट के ज़रिये बादशाह के फ़ेमस गाने DJ वाले बाबू का ज़िक्र किया है। पोस्ट में एक दुल्हन नज़र आ रही है जो कह रही है कि आये DJ गाना चला दे। जिसके जवाब में बादशाह की तरफ़ से लिखा गया है Sorry Madam 10 बज गये हैं ऊपर से बच्चों के बोर्ड एग्जाम भी चल रहे हैं। पोस्ट पर साइड में DJ वाले बाबू भी लिखा है। 

सोशल मीडिया पर हरिद्वार पुलिस की इस पहल को काफ़ी सराहना मिल रही है। एक बार फिर से सुनिये किस तरह से हरिद्वार पुलिस के अधिकारी सभी को निर्देश देते नज़र आ रहे हैं कि तय डेसिमल से ऊपर कहीं कोई आवाज़ नहीं आनी चाहिये।

ये सिर्फ़ एक ख़बर भर नहीं है बल्कि उत्तराखंड पुलिस की वो पहल है जिससे बाकि राज्यों की पुलिस को भी सीखना चाहिये। 
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