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इज़रायल का पाकिस्तान पर एक्शन शुरू, अपने देश बुलाकर खोल दी पोल !

इज़रायली मीडिया ने बताया कि पाकिस्तान से एक 10 से से 12 लोगों का डेलीगेशन चुपचाप इज़रायल पहुंचा...ये यात्रा सीक्रेट रखने के लिए इन लोगों के पासपोर्ट पर स्टैंप भी पाकिस्तान की तरफ़ से नहीं लगाई गई…लेकिन इज़रायल के अख़बार ने पूरी दुनिया को ये ख़बर बता दी और पाकिस्तान की पोल खुल गई.
इज़रायल का पाकिस्तान पर एक्शन शुरू, अपने देश बुलाकर खोल दी पोल !
कंगाली और भुखमरी से जूझ रहे पाकिस्तान की पोल अब एक बार फिर खुल चुकी है। पाकिस्तान अपनी ग़रीबी से इतना तंग आ चुका है कि वो खुद के ज़मीर को बेचने के लिए भी तैयार है और बाक़ायदा इसके लिए वो ऐसे देश से भी डील करने को तैयार है जिसे आजतक पाकिस्तान मानता ही नहीं। हैरानी की बात ये है कि पाकिस्तान एक ऐसे देश के साथ बैक चैनेल बातचीत में जुटा है जिसको वो देश का दर्जा तक नहीं देता। हम बात कर रहे है अपनी और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए मिडल ईस्ट में कहीं भी जाकर दुश्मनों का ख़ात्मा करने वाले इज़रायल की। जिसकी नीति साफ़ है कि वो ख़ुद को छेड़ने वाले को छोड़ता नहीं है। दरअसल, इज़रायली मीडिया ने बताया कि पाकिस्तान से एक 10 से से 12 लोगों का डेलीगेशन चुपचाप इज़रायल पहुंचा। ये यात्रा सीक्रेट रखने के लिए इन लोगों के पासपोर्ट पर स्टैंप भी पाकिस्तान की तरफ़ से नहीं लगाई गई। लेकिन इज़रायल के अख़बार ने पूरी दुनिया को ये ख़बर बता दी और पाकिस्तान की पोल खुल गई। पाकिस्तान के मशहूर पत्रकार हामिद मीर ने इजरायली वेबसाइट यरुशलम एक रिपोर्ट एक्स पर शेयर की इसमें बताया गया है कि पाकिस्तानी डेलीगेशन ने इजरायल में अच्छा समय गुजारा और इजरायली के लोगों और संस्कृति को करीब से देखा। इस रिपोर्ट को शेयर करते हुए हामिद मीर ने कहा है, 

क्या शहबाज शरीफ की सरकार इस बैक चैनल के बारे में स्पष्टीकरण देगी? इजरायली अखबार ने इजरायल की यात्रा पर आए पाकिस्तानियों का इंटरव्यू किया है। इनमें में से एक ने दावा किया कि पाकिस्तान सरकार ने अपनी जमीन पर इजरायल विरोधी बड़ी रैलियों को रोका है।


बताया जा रहा है कि इस पाकिस्‍तानी डेलीगेशन में 10 पत्रकार, शोधकर्ता और खुफिया एजेंसी ISI के एजेंट भी इज़रायल पहुंचे थे।अब सवाल ये है कि आख़िर पाकिस्तान से ये डेलीगेशन अचानक इज़रायल क्यों पहुंचा तो बता दें कि शारका संगठन की तरफ़ से पाकिस्तान के इस डेलीगेशन को इंवाइट किया गया था शारका गुट को इजरायल, यूएई और बहरीन के लोगों ने मिलकर बनाया है। इसे अब्राहम अकॉर्ड पर साल 2020 में हस्‍ताक्षर होने के बाद बनाया गया था। उनकी तरफ़ से बुलाए जाने के बाद पाकिस्तानी डेलीगेशन को वो जगह दिखाई गई जहां 7 अक्टूबर 2023 को हमास के आतंकियों ने हमला किया था। इसी के साथ पाकिस्तानी लोगों ने होलोकॉस्ट संग्रहालय का दौरा किया जहां उन्होंने यहूदियों पर हुए अत्याचार के बारे में जाना। अब ये ख़बर जैसे ही लीक हुई पूरे पाकिस्तान में हड़कंप मच गया। हर तरफ पाकिस्तान की हुकूमत की आलोचना होने लगी। जिसके बाद पाकिस्तान की तरफ़ से इसपर जवाब सामने आया। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने कहा कि "पाकिस्तान का रुख साफ है और वह इजरायल को मान्यता नहीं देता है। मंत्रालय ने कहा कि पत्रकारों और प्रभावशाली लोगों के एक स्थानीय प्रतिनिधिमंडल कीर इजरायल की कथित यात्रा के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है। जानकारी सामने आने के बाद इस पर ज्यादा जानकारी दी जाएगी।

अब बताइए भला ऐसा कैसे हो सकता है कि पाकिस्तानी लोग इज़रायल पहुंचे हो और वहां की सरकार को ये बात ना पता हो। जबकि ये सबको पता है कि पाकिस्तान इज़रायल को एक देश के तौर पर नहीं मानता। और पाकिस्तान के इज़रायल के साथ राजनैतिक या व्यापारिक संबंध भी नहीं है। यहां तक पाकिस्तानी पासपोर्ट पर साफ़ शब्दों में लिखा है कि ये पासपोर्ट इजरायल को छोड़कर दुनिया के सभी देशों के लिए मान्य है। 
  
पाकिस्तान के लोगों का इज़रायल पहुंचना की अब ये तो रही ऊपर ऊपर की बात। अब अंदर की बात भी जानिए दरअसल, इज़रायल ने एक स्मार्ट मूव चलते हुए पाकिस्तान को घेरकर उसके ज़रिए एक नए प्लान पर काम करना शुरू कर दिया है। इज़रायल एक बहुत बड़े एक्शन की तैयारी में है। अमेरिका के साथ मिलकर इज़रायल पाकिस्तान के ज़रिए ईरान को क़ाबू में कर लेना चाहता है। पाकिस्तान के ईरान के साथ एक लंबा बार्डर होने की वजह से पाकिस्तान वो देश है जहां से ईरान पर अच्छे से नज़र रखी जा सकती है। अब पाकिस्तान से खुले तौर पर तो इज़रायल के संबंध है नहीं इसलिए अमेरिका और इज़रायल ने मिलकर एक चाल चली की पाकिस्तान के लोगों को इज़रायल बुलाया जाए ताकि ये लगे की पाकिस्तान अब इज़रायल से संबंध चाहता है। और दूसरों के रहमों करम पर पलने वाला पाकिस्तान इज़रायल की इस चाल में आसानी से आ भी गया। पहले चीन भारत के ख़िलाफ पाकिस्तान को अपने ट्रैप में फंसाता है और अब ईरान के लिए इज़रायल ने ऐसा किया है। ये सब ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान ने अपनी तीसरी अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी का वीडियो जारी किया है वीडियो में सुरंगों के अंदर  मिसाइलें और आधुनिक हथियार दिखाई दे हैं। ट्रंप की तरफ़ से ईरान को परमाणु प्रोग्राम जिसपर ईरान तेज़ी से काम कर रहा है उसे ख़त्म करने के लिए धमकी दे रहे हैं। ईरान के सरकारी मीडिया ने यह वीडियो जारी किया है। इसमें टॉप मिलिट्री कमांडर मेजर जनरल मो. हुसैन बागरी और ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड के एयरोस्पेस फोर्स के चीफ आमिर अली हाजीजादेह नजर आ रहे हैं। ईरान का मज़बूत होना अमेरिका और इज़रायल दोनों के लिए बहुत बड़ी चिंता की बात है। ऐसे में इज़रायल और अमेरिका को पाकिस्तानी ज़मीन की बहुत ज़रूरत भी है। जहां से ज़रूरत पड़ने पर ईरान पर अटैक किया जा सके।

वैसे भी पाकिस्तान चंद पैसों के लिए बिकने को तैयार रहता है। कभी इज़रायल के खिलाफ ईरान को मदद देने की बात कहने वाले पाकिस्तान को अलग थलग छोड़ा हुआ है। अब ऐसा बिल्कुल नहीं है कि पाकिस्तान इज़रायल के नज़दीकियां बिना किसी मतलब के बढ़ा रहा हो। इसके बदले पाकिस्तान इज़रायल और अमरिका से पैसे और हथियार लेगा। जिसका इस्तेमाल वो उसको इन दिनों नुक़सान पहुंचा रहे तालिबान, TTP और बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कर सकता है। लेकिन ये साफ़ है कि इज़रायल अपने दोस्त भारत पर कोई आंच ना आए इसका भी ध्यान रखेगा। पाकिस्तान को वो साफ़ करेगा कि भारत के ख़िलाफ इसका इस्तेमाल ना हो। और वैसे भी मोसाद पाकिस्तान पर नज़र बनाए हुए है। देखना होगा की चीन के टुकड़ों पर पलने वाला पाकिस्तान जिसे चीन की तरफ़ से ठुकराने के बाद इज़रायल और अमेरिका के इशारों पर कैसा नाचता है।
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